शिक्षक भर्ती पर चला हाईकोर्ट का चाबुक, - BOLLYWOOD NEWS SPY

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Saturday, June 6, 2020

शिक्षक भर्ती पर चला हाईकोर्ट का चाबुक,

कोर्ट के फैसले से राज्य सरकार को झटका सारी अग्रिम प्रक्रिया पर रोक



इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने बुधवार को प्रदेश में 69000 सहायक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगाकर राज्य सरकार को तगड़ा झटका दिया है।कोर्ट ने कहा है कि सरकार द्वारा गत 8 मई को परिणाम घोषित करने संबंधी नोटिफिकेशन पर रोक लगाई जाती है। साथी चयन की सारी अग्रिम प्रक्रिया अगली सुनवाई तक रुकि रहेगी। अगली सुनवाई 12 जुलाई को होगी।

यह आदेश जस्टिस आलोक माथुर की एकल पीठ ने सैकड़ों अभ्यर्थियों की ओर से अलग-अलग दाखिल ढाई दर्जन से अधिक याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करते हुए पारित किया है। सही विकल्पों की स्पष्टता के लिए हाईकोर्ट ने फाइनल आंसर की (उत्तर कुंजी) से संबंधित अभ्यर्थियों की आपत्ति को 10 दिनों में यूसीजी को भेजने का आदेश दिया है।



 यूसीजी के सजीव एक विशेषज्ञ पैनल का गठन कर, उक्त आपत्तियों पर 2 सप्ताह में रिपोर्ट परीक्षा नियामक प्राधिकरण को भेजेंगे जो शपथ पत्र के साथ रिपोर्ट अदालत में पेश करेगी। याचिकाओं में 8 मई को जारी फाइनल आंसर की के कुछ उत्तरों पर आपत्ति जताई गई है।पीठ ने अंतरिम आदेश में कहा है कि प्रथम दृष्टया तायर कोर्ट पाती है कि आंसर की में दिए गए कुछ उत्तर स्पष्ट तौर पर गलत है।

 कुछ ऐसे भी प्रश्न है जिनके उत्तर पूर्व के विभिन्न परीक्षाओं में वर्तमान आंसर की से अलग बताए गए हैं।कोर्ट ने कहा कि प्रश्न का मूल्यांकन करने में त्रुटि हुई है जिसका खामियाजा अभ्यर्थियों को भुगतना पड़ेगा।श्याम राज सरकार ने जवाबी हलफनामे में स्वीकार किया है कि कुछ प्रश्न है जो विवाद अपूर्ण है और जिनके एक से अधिक उत्तर सही हो सकते हैं। पीठ ने महाधिवक्ता राघवेंद्र सिंह व मुख्य स्थाई अधिवक्ता रणवीर रणविजय सिंह की इस दलील को ठुकरा दिया किभले ही कुछ प्रश्न उत्तर भी भारत को है किंतु कोर्ट को इस मामले में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। इसे विवाद ने परीक्षा नियामक प्राधिकरण के बाद को माना जाना चाहिए।

जवाब बदले तो भर्ती में होगा बड़ा उलटफेर -



परिषदीय स्कूल की 69,000 शिक्षक भर्ती जिस मुकाम पर है,उसमें लिखित परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों के जवाब बदले तो बड़ा उलटफेर होना तय है।इसका अंदाजा सिर्फ उसी से लगाइए की परीक्षा संस्था ने इस भर्ती में तीन सवालों में कामन अंक बांटे थे, इससे परीक्षा उत्तीर्ण करने वालों की तादाद 14,000 तक बढ़ गए थे। इस समय तो इलाहाबाद हाईकोर्ट और लखनऊ खंडपीठ में कुल 18 सवाल कसौटी पर है।किसी एक प्रश्न का उत्तर बदलने से हजारों अभ्यर्थी परीक्षा उत्तीर्ण जाएंगे और जिला आवंटन सूची में फिर से बदलाव होगा।

सहायक अध्यापक भर्ती की लिखित परीक्षा में कुल पदों के दुगने से अधिक 1,46,060 पहले ही उत्तीर्ण हुए हैं। पुणे में से 67867 को जिला आवंटित हो चुका है।वैसे भर्ती की लिखित परीक्षा में पूछे गए 150 सवालों में से 142 प्रश्नों पर अभ्यर्थी आपत्ति जता चुके हैं, केवल 8 प्रश्नों को बक्सा था। एक तरह से पूरी परीक्षा को ही कटघरे में खड़ा किया जा चुका है।भारतीय संस्था के विषय विशेषज्ञों ने भी सभी आपत्तियों को खारिज किया है,केवल तीन प्रश्नों को पाठ्यक्रम से बाहर का मानकर का मानक दिया गए थे।जो अभ्यर्थी भर्ती में चंद आंखों से अनुत्तीर्ण है या कुछ आंखों से चयनित नहीं हो रहे हैं, वे इलाहाबाद हाईकोर्ट में 18 और लखनऊ खंडपीठ में 13 प्रश्नों के जवाब बदलना चाहते हैं। इसमें पांच प्रश्न ही अलग है।


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